Taliban क्या है और तालिबान ने अफगानिस्तान पर कैसे कब्ज़ा किया जानिए पूरी जानकारी.

what is taliban हेलो दोस्तो, स्वागत है मेरे इस ब्लॉग पेज में  आज हम जानेंगे तालिबान क्या है, इसका उदय कब और कैसे हुआ।इसने अफगानिस्तान पर कब्जा कब किया और कुछ important तथ्य बताया जाएगा तो चलिए शुरू करते है।

 

what is taliban

तालिबान क्या है (what is taliban)  इसका उदय कब और कैसे हुआ?

तालिबान न तो किसी देश का नाम है और न ही किसी देश की राजधानी का नाम है तालिबान का संबंध एक “आतंकवादी संगठन” से है जिसका उदय 1990 ईस्वी में पाकिस्तान में माना जाता है ऐसा कहा जाता है कि तालिबान का उदय तालिबानी  आंदोलन से हुआ है। तालिबान का अफगानिस्तान में अर्थात इस्लाम में अर्थ होता है छात्र” जो सुन्नी मुसलमानों को मानता है. या हम कह सकते हैं कि वैसे छात्र जो इस्लामिक विचारधाराओं को मानता हो।

 

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब कब्जा किया और इसका क्या प्रभाव रहा

अमेरिकी सेना के जाते ही तालिबान द्वारा मात्र 9 दिन के अंदर ही पुरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया, अफगानिस्तान से आए फोटो और वीडियो के मुताबिक तालिबान ने 15 अगस्त को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया गया वहा के राष्ट्रपति ओर उपराष्ट्रपति देश छोड़ कर भाग गए।अब पूरा अफगानिस्तान तालिबानी के हाथ में है।

वहा की मीडिया चैनल भी तालिबानी के हाथ में है अब tv पर केवल तालिबान से realted ही दिखाया जाएगा। इसका प्रभाव यह रहा कि लोग आपने ही देश को छोड़ कर भाग रहे है।लोग हवाई जहाज में लटकर देश छोड़ रहे है पर हवाई जहाज जब ऊपर जाती तब लटके लोग किसी चिटी की भाती जमीन पर गिर रहे है।

 

विभिन्न देशों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद सभी देश वहा रह रहे आपने आदमी को निकाल रहा है भारत भी आपने आदमियों को आपने देश ला रहा है। भारत द्वारा अफगानिस्तान में काफी invest किया था  चाहे वो infrastucture या बांध हो सभी में भारत  ने इन्वेस्ट किया है.

 

तालिबानी आंदोलन कब और कहा से शुरू हुआ।और इसके पीछे क्या लक्ष्य है

तालिबानी आंदोलन की शुरुआत 1994ईस्वी को South अफगानिस्तान से हुआ। इसी को तालिबान या तालेबान के नाम से जाना गया, तालिबानी आंदोलन एक इस्लामी कट्टरपंथी आंदोलन था जिसका एक ही मकसद था अफगानिस्तान में अपना वर्चस्व कायम करना तालिबानी आंदोलन का मान्यता तीन देशों द्वारा प्राप्त था ।

पाकिस्तान, सऊदी अरब और सयुक्त अरब अमीरात द्वारा से तालिबान आंदोलन की सदस्यता अधिकतर छात्र जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मदरसों में पढ़ने वाले होते थे।

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान का इतिहास पहले भी तालिबान द्वारा शासन किया गया था। तालिबानी आंदोलन के सफलता के साथ तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर 5 साल तक शासन किया सन 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान प्रशासन रहा 5 वर्षों में तालिबान द्वारा कई सारे नियम कानून अफगानिस्तान पर लगाए गए हैं.

जिनमें प्रमुख है शरिया कानून शरिया कानून एक इस्लामी कानून है जिसमें महिलाओं की शक्ति छीन ली जाती है।और इसमें पुरुष को कुर्ता पैजामा और महिलाओं को बुर्खा पहने की अनुमति है। तालिबान का यह कानून सिर दर्द सा था । कुछ दिन के बाद कानून को बदल दिया गया।

निष्कर्ष

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